इंडोनेशिया विमान हादसा: समुद्र में डूबे प्लेन के पायलट को दिवाली का था इंतज़ार

हमारे बच्चे जैसा था वो. हर बार दिवाली पर घर आता था. इस बार भी आने वाला था. उसके घर वाले इंतज़ार कर रहे थे. हमें तो यक़ीन नहीं हो रहा कि वो चला गया.''

भव्य सुनेजा को याद करते हुए उनके पड़ोसी अनिल गुप्ता कहते हैं, ''ये बच्चा हमारे सामने ही पला-बढ़ा था. यहीं स्कूल जाता था और जब भी मिलता तो नमस्ते अंकल ज़रूर कहता था.''

31 साल के भव्य सुनेजा इंडोनेशिया की लायन एयरलाइंस में पायलट थे. एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ देर बाद हादसे का शिकार होकर समुद्र में जा गिरा. यह विमान इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से पंगकल जा रहा था.

जकार्ता में भारतीय दूतावास ने भव्य सुनेजा की मौत की पुष्टि की है. वह इस फ़्लाइट के कप्तान थे. इस विमान में सवार लोगों का कुछ पता नहीं चल पाया है.

जब से भव्य के घर वालों तक ये ख़बर पहुंची है, उनके लिए एक-एक पल काटना मुश्किल हो गया है. दिल्ली के मयूर विहार के रहने वाले भव्य इस दिवाली पर अपने घर आने वाले थे. यहां उनके माता-पिता और छोटी बहन उनसे मिलने का इंतज़ार कर रहे थे.

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भव्य के पिता गुलशन सुनेजा कुछ कह पाएं, इससे पहले ही उनके आंसू निकल पड़ते थे. परिवार बस लोगों से प्रार्थना करने का अनुरोध कर रहा था.

जिस घर को त्योहार का इंतजार था आज वहां पर मीडिया का जमावड़ा लगा था. पूरा परिवार शोक में डूबा था और रिश्तेदार उन्हें सांत्वना देने पहुंच रहे थे.

भव्य के चाचा ने कहा, ''पूरा परिवार इस वक़्त ग़म में है और वो कुछ भी कहने की हालत में नहीं हैं. सभी आज रात इंडोनेशिया जा रहे हैं. आगे क्या होगा, वहीं जाकर पता चल पाएगा.''

परिवार वालों और पड़ोसियों को सुबह इसकी ख़बर मिल चुकी थी. कॉलोनी में रहने वाले कमला नरुला बताते हैं, ''उनके पास व्हाट्सऐप पर ये ख़बर आई. पहले लगा कि ये लड़का कुछ जान-पहचान का है लेकिन इतना क़रीबी होगा ये नहीं सोचा था. बाद में मीडिया वाले आने लगे तो पता चला कि ये भयानक घटना हमारे ही पास में हुई है.''

''मेरा तो गुलशन सुनेजा से रोज मिलना होता था. वो सुबह यहीं घर के आगे से जाते थे. कभी-कभी भव्य के बारे में भी बात होती थी. वो बहुत खुश थे कि बेटा सेटल हो गया है. अच्छा कमाता है. शादी भी हो गई है. सबकुछ बहुत अच्छा था. मेरा बेटा भी भव्य जितना ही है. उनकी बहन मेरे बेटे के साथ पढ़ी है. एक जवान बेटे को खोना कैसा लग सकता है, मैं महसूस कर सकता हूं.''

भव्य सुनेजा का परिवार करीब 30 सालों से यहां रहता है. सबसे जान-पहचान और मेलजोल है. भव्य ने पास के ही स्कूल एल्कॉन में 12वीं तक पढ़ाई की है. इसके बाद वह पायलट की ट्रेनिंग लेने लगे थे.

भव्य के साथ हुई दुर्घटना उनके स्कूल के दोस्तों के लिए भी हैरान करने वाली थी. इसी इलाके में रहने वाले बीके सिन्हा बताते हैं, ''आज मेरी बेटी का दुबई से फोन आया. वह स्कूल में भव्य के साथ पढ़ती थी. उसने मुझे बताया कि भव्य के साथ ऐसा हो गया है. मैं तो हैरान था कि इतना अच्छा बच्चा और ये सब हो गया.''

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